- यूपी के मदरसों में लागू होगा NCERT पाठ्यक्रम, शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
आयुष पाण्डेय : लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए राज्य के मान्यता प्राप्त और अनुदानित मदरसों में कक्षा 1 से 3 तक NCERT का पाठ्यक्रम लागू करने का फैसला किया है। यह कदम मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने और छात्रों को आधुनिक एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की तरह मिलेगी NCERT की शिक्षा
प्रदेश में संचालित बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पहले से ही NCERT पाठ्यक्रम लागू किया गया है। अब उसी तर्ज पर मदरसा बोर्ड में भी इसे लागू किया जाएगा। यह निर्णय शैक्षिक सत्र 2025-26 से प्रभावी होगा, जिससे मदरसा छात्रों को भी वही शैक्षिक गुणवत्ता प्राप्त होगी, जो अन्य सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिल रही है।
NCERT पाठ्यक्रम से छात्रों को क्या मिलेगा फायदा?
- राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा : मदरसा छात्रों को वही पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा जो देशभर के अन्य स्कूलों में पढ़ाया जाता है।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ेगी सफलता : NCERT आधारित शिक्षा से छात्र यूपीएससी, नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
- समग्र विकास : यह निर्णय छात्रों को आधुनिक विज्ञान, गणित, भाषा और अन्य विषयों में मजबूत आधार प्रदान करेगा।
आने वाले वर्षों में कक्षा 8 तक होगा विस्तार
बेसिक शिक्षा परिषद ने इस वर्ष कक्षा 1 से 3 तक NCERT पाठ्यक्रम लागू किया है, जिसे आगामी वर्षों में कक्षा 8 तक विस्तार देने की योजना है। इसी तर्ज पर मदरसा बोर्ड भी धीरे-धीरे NCERT पाठ्यक्रम को कक्षा 8 तक लागू करेगा। इससे मदरसा शिक्षा में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।
सरकार की शिक्षा नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
सरकार का मानना है कि यह कदम मदरसा शिक्षा को सुदृढ़ करेगा और छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने में सहायक होगा। यह निर्णय प्रदेश के सभी अनुदानित मदरसों पर लागू होगा, जिससे लाखों छात्रों को लाभ मिलेगा।
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