- दहशत का पर्याय बना बाघ ट्रेंकुलाइज,बसौना माफी के निकट पकड़ा गया,लोगों ने राहत की सांस ली
दहशत का पर्याय बने बाघ को थाना रामगांव के बसौना माफी गांव में शनिवार को वन विभाग के द्वारा पिंजरे में कैद कर लिया गया इससे लोगों ने राहत की सांस ली
रिपोर्ट : पुण्डरीक पाण्डेय : यूपी : बहराइच : यूपी के बहराइच में महसी तहसील के थाना रामगांव क्षेत्र के रेहुआ मंसूर और बसौना माफी गांव के आसपास बाघ दिखाई दे रहा था जिसे दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने शनिवार की शाम को ट्रैंकुलाइज कर अपने काबू में कर लिया और बाघ को बेहोश कर लिए जाने के बाद उसे सुरक्षित पिंजरे में कैद कर जिला मुख्यालय स्थित रेंज कार्यालय लाया गया इसी के साथ महसी तहसील क्षेत्र में लगभग एक सप्ताह से दहशत का पर्याय बने बाघ से लोगों ने राहत की सांस ली
दहशत का पर्याय बना बाघ ट्रेंकुलाइज,बसौना माफी के निकट पकड़ा गया,लोगों ने राहत की सांस ली
प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेशा ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़ मे आया बाघ नर है एवं उसकी उम्र करीब पांच वर्ष आंकी जा रही है उसका वजन दो सौ किलो से ज्यादा है। बाघ को कतर्नियाघाट के वन्य चिकित्सक डॉ. दीपक और डॉ. दयाशंकर की टीम ने ट्रैंकुलाइज गन से बेहोश कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बाघ बसौना माफी गांव के नजदीक नाले के पास छिपा हुआ था, जब उसकी सटीक लोकेशन मिली इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू कर उसे अंतिम रूप दे दिया गया।
आपको बता दें कि शनिवार को दोपहर मे करीब 12 बजे रेस्क्यू अभियान के तहत दूसरे दिन कतर्नियाघाट से लाई गई हथिनियों चंपाकली और जयमाला की मदद से चौतरफ़ा कॉम्बिंग शुरू की गई। इसी बीच ड्रोन कैमरे से बाघ की लोकेशन बसौना माफी गांव के निकट ट्रेस हो गई। नाले के दूसरी तरफ बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हो जाने के बाद वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया। सभी संभावित रास्तों पर जाल बिछाए गए। रेहुआ मंसूर गांव से अतिरिक्त कॉम्बिंग टीम को वहां पर बुला लिया गया।
डीएफओ ने जानकारी देते हुए बताया कि बाघ लगातार अपनी पोजीसन बदल रहा था, इससे ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बन गया था। जबकि विशेषज्ञों की सतर्कता और उनकी सतर्क रणनीति के चलते शाम के समय बाघ को सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज किया गया। बाघ के पकड़ मे आ जाने जाने के बाद बसौना माफी, रेहुआ मंसूर और आसपास के गांवों के लोगों ने दहशत से मुक्ति पाई
पकड़ में आए बाघ को देर शाम जिला मुख्यालय स्थित रेंज कार्यालय मे लाया गया। डीएफओ सुंदरेशा ने यह भी बताया कि तीन वन्य चिकित्सकों का पैनल बाघ के स्वास्थ्य का परीक्षण करेगा। इसके पश्चात् उच्चाधिकारियों के निर्देश पर निर्णय लिया जाएगा कि बाघ को कहां और किस परिस्थिति में छोड़ा जाएगा।
- बाघ की लोकेशन ट्रेस करने में ड्रोन से मिली सफलता
रेस्क्यू अभियान में ड्रोन कैमरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ड्रोन से झाड़ियों,खेतों और नाले के आसपास लगातार निगरानी चलती रही, जिससे बाघ की सटीक लोकेशन ट्रेस हो गयी बाघ के नाले के दूसरी तरफ होने की जैसे ही पुष्टि हुई, टीम ने बाघ को घेर कर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे दिया। जैसे ही बाघ के पकड़े जाने की सूचना मिली वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकठ्ठा हो गए।
- चंपाकली और जयमाला हथिनियां वापस लौटेंगी
हथिनी चंपाकली और जयमाला की कॉम्बिंग पूरी तरह से सफल रही। रेस्क्यू अभियान पूरा हो जाने के बाद दोनों हथिनियां रात में रेहुआ मंसूर गांव में विश्राम करेंगी और रविवार की सुबह उन्हें वापस कतर्नियाघाट भेज दिया जाएगा।

