बहराइच पुलिस की बड़ी कार्रवाई: स्मैक बरामद, डूबते बच्चे को बचाया, हत्यारोपी को 7 साल की सजा, परिवार परामर्श से टूटता घर बचा
बहराइच पुलिस के लिए आज का दिन कार्रवाई के नाम रहा। जिले में एक साथ चार बड़ी खबरें सामने आईं – नशे के खिलाफ कार्रवाई, मानवता की मिसाल, न्यायिक सफलता और परिवार जोड़ने का प
1- मोतीपुर: 31 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार
थाना मोतीपुर पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 31 ग्राम नाजायज स्मैक बरामद की है। टीम ने मौके से एक अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया है।
बाइट – क्षेत्राधिकारी मिहींपुरवा प्रद्युम्न सिंह:
“जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। मोतीपुर पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम को गश्त के दौरान यह सफलता मिली। अभियुक्त के खिलाफ NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
2-रिसिया: पुलिस बनी देवदूत, डूबते 8 साल के बच्चे को बचाया
थाना रिसिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक 8 वर्षीय बच्चे की जान बच गई। दिनांक 02.06.2026 को प्रभारी निरीक्षक करुणाकर पाण्डेय भ्रमण पर थे, तभी सिंघापुरवा के पास सड़क किनारे एक 10 वर्षीय बालिका रोती मिली। बालिका ने बताया कि उसका भाई पानी में डूब गया है।
पुलिस की तत्परता से बची जान
सूचना मिलते ही प्र0नि0 करुणाकर पाण्डेय, चौकी प्रभारी उ0नि0 बिहारी यादव, हे0का0 देवेन्द्र यादव, रि0का0 सरवन व एक स्थानीय टेम्पो चालक ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। बच्चे को पानी से निकालकर सरकारी वाहन से सीएचसी रिसिया ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार अब बच्चा खतरे से बाहर है।
बच्चे के माता-पिता जीवित नहीं हैं, इसलिए रिश्तेदार को सूचित किया गया है । पुलिस ने इलाज व दवाओं का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है।
3- ऑपरेशन कन्विक्शन: गैर इरादतन हत्या में 7 साल की सजा
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बहराइच पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता मिली। वर्ष 2014 में मोतीपुर थाना क्षेत्र के लोधनपुरवा में हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी प्रमोद कुमार शुकुरू को 7 साल सश्रम कारावास व ₹10,500 अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
घटना:
28.02.2014 को शादी समारोह में शराब के नशे में विवाद के दौरान प्रमोद ने राधेश्याम लोध को लाठी-डंडे से पीटा था, जिससे अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी।
पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव के विशेष प्रयासों से मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में मॉनीटरिंग सेल, अभियोजक गिरीश चन्द्र शुक्ला व पैरोकार सत्यम मिश्रा की प्रभावी पैरवी के चलते जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह ने यह फैसला सुनाया। धारा 304(2) में 7 साल + ₹10,000 जुर्माना और धारा 323 में 6 माह + ₹500 जुर्माना लगाया गया।
4- परिवार परामर्श केंद्र: टूटने से बचाया एक और घर
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में परिवार परामर्श केंद्र ने एक और परिवार को टूटने से बचा लिया। आपसी पारिवारिक विवाद के चलते एक आवेदिका ने एसपी से सुलह की गुहार लगाई थी।
परिवार परामर्श केंद्र की टीम : उ0नि0 रमाशंकर मिश्रा, मु0म0आ0 संगीता यादव, म0आ0 सविता मिश्रा, निशी त्रिवेदी, छाया द्विवेदी व अनन्या सिंह ने दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग की। समझाने के बाद दोनों पक्ष भविष्य में झगड़ा न करने और खुशी-खुशी साथ रहने को राजी हो गए।

