- ज्येष्ठ के छठे मंगलवार पर परशुराम चौक में न्यायप्रिय पार्टी का विशाल भंडारा, हजारों भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
- पं0 भुवन दत्त शास्त्री ने कराया वैदिक पूजन, मुख्य अतिथि राजकुमार बाजपेई का हुआ भव्य स्वागत, साहित्यकार रामकरण पाण्डेय ने भेंट की ‘महाराजा सुहेलदेव’ कृति
रिपोर्ट : अतुल त्रिपाठी /आकाश तिवारी : यूपी : बहराइच : पावन ज्येष्ठ माह के षष्ठम मंगलवार को परशुराम चौक पर न्यायप्रिय पार्टी के तत्वावधान में बजरंगबली के विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। शंखनाद व गगनभेदी जयकारों के बीच शुरू हुए भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं व राहगीरों ने शीतल शर्बत और छोला-चावल के प्रसाद का श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। प्रसाद वितरण सायंकाल तक निर्बाध जारी रहा।

वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक विद्वान पं0 भुवन दत्त शास्त्री जी के मुखारविंद से हुआ। उन्होंने बजरंगबली समेत समस्त देवों का आवाहन, आचमन, पूजन, धूप, दीप, नैवेद्य, सुगंधित द्रव्य, चंदन, कलावा, पुष्प, माल अर्पण, स्तुति पाठ, अर्चन, प्रसाद भोग व महाआरती संपन्न कराई।

अतिथियों का हुआ भव्य स्वागत
मुख्य अतिथि पं0 राजकुमार बाजपेई व विशिष्ट अतिथि पं0 रामजी बाजपेई एडवोकेट, पं0 महेंद्र नाथ तिवारी, पं0 अनिल बाजपेई, सुशील गुप्ता, दिनेश कनौजिया व डॉ0 राजेश तिवारी का कार्यक्रम संयोजक एवं विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद जिलाध्यक्ष पं0 पुंडरीक पाण्डेय के नेतृत्व में माल्यार्पण व सामूहिक अंगवस्त्र भेंटकर भव्य स्वागत किया गया।
स्वागत करने वालों में विमल मिश्र करन, पंकज दीक्षित, अभय दीक्षित, सूरज त्रिवेदी, आशीष दीक्षित, समर्थ भल्ला, तत्सत पाण्डेय, अंकित शुक्ल, चैतन्य पाण्डेय, ज्ञानेंद्र तिवारी, विकास जायसवाल धोनी, लकी, विष्णु, सचिन, गौरव मिश्र, सुमित, आयुष बाजपेई, सुधांशु राणा, सर्वेश बाजपेई, डॉ0 सोमनाथ तिवारी, क्रांति प्रकाश, अतुल अवस्थी, गोवर्धन लाल, राजेश त्रिपाठी, अमित आर्य, संतोष शुक्ल, अभिषेक पाण्डेय, अम्बरीश अवस्थी, अखिलेश पाण्डेय, शुभम दीक्षित, विकास त्रिपाठी, दीपक मिश्र, सूरज शुक्ल, शानू शुक्ल, अमित शुक्ल आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
साहित्यकार ने भेंट की कृति
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार रामकरण पाण्डेय ने अतिथियों को ज्वलंत ओज से परिपूर्ण अपनी चर्चित खंडकाव्य कृति “महाराजा सुहेलदेव” भेंट की। राष्ट्रभावना से ओतप्रोत इस कृति की सभी अतिथियों ने सराहना की।
भंडारे में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और सेवा भाव ने कार्यक्रम को भक्ति, सामाजिक समरसता एवं जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बना दिया। आयोजकों ने सभी आगंतुकों व सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

