- देश के हिंदू को इतिहास से सीखकर राष्ट्र से जुड़ना होगा नहीं तो राष्ट्र के विखंडित होने में देर नहीं लगेगी-यशवेंद्र विक्रम सिंह
देश के हिंदू को इतिहास से सीखकर…चित्तौड़ा झील स्थित राजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर आयोजित विराट हिंदू जन सम्मेलन मे बोलते हुए यशवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा भारत में एक और बांग्लादेश बनता हुआ प्रत्यक्ष दिख रहा है। जहाँ राम,कृष्ण और शिव की कथाओं के आयोजन नहीं होते।आज राम-कृष्ण और शिव की कथाओं से अधिक राष्ट्र कथा की आवश्यकता है। वैसे सभी का मूल उद्देश्य एक ही है।
रिपोर्ट : अतुल त्रिपाठी : यूपी : बहराइच : यूपी के बहराइच में चित्तौड़ा झील स्थित राजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर आयोजित विराट हिंदू जन सम्मेलन मे बोलते हुए यशवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि देश के हिंदू को इतिहास से सीखकर राष्ट्र से जुड़ना होगा नहीं तो राष्ट्र के विखंडित होने में अब देर नहीं लगेगी उन्होंने कहा भारत में एक और बांग्लादेश बनता हुआ प्रत्यक्ष दिख रहा है। जहाँ राम,कृष्ण और शिव की कथाओं के आयोजन नहीं होते आज राम-कृष्ण और शिव की कथाओं से अधिक राष्ट्र कथा की आवश्यकता है। वैसे सभी का मूल आधार एक जैसा है।उन्होंने कहा कि यदि हम सभी ने संस्कृति, सनातन को संरक्षण प्रदान नहीं किया और उसके बीज को नहीं बचाया तो एक दिन ऐसा आएगा जब इस विचारधारा का अंत हो जाएगा।

देश के हिंदू को इतिहास से सीखकर राष्ट्र से जुड़ना होगा नहीं तो राष्ट्र के विखंडित होने में देर नहीं लगेगी-यशवेंद्र विक्रम सिंह
- पड़ोसी देशों में सनातन व अन्य धर्म के लोगों को पलायन करना पड़ा
यशवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि कभी पड़ोसी देशों में सनातन व अन्य धर्म के लोग स्वतंत्रता के साथ रहते थे लेकिन अब उन्हें पलायन करना पड़ रहा है। वहीं लाहौर में मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। जब कि बांग्लादेश भी उसी राह पर चल पड़ा है। उन्होंने कहा कि देश के हिंदू को इतिहास से सीखकर राष्ट्र से जुड़ना होगा नहीं तो राष्ट्र के विखंडित होने में देर नहीं लगेगी
- अब तक कई बार राष्ट्र का विभाजन हो चुका
यशवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि अब तक कई बार राष्ट्र का विभाजन हुआ है।इतिहास मे हुई भूलों से सबक लेकर हिंदुओं को व्यक्तिगत झूठे स्वार्थों की उलझन से बाहर निकलकर सनातनी बनना होगा। हिंदू धर्म का होना बड़े गौरव की बात है,लेकिन उसकी जिम्मेदारी निभाना भी बहुत जरूरी है। जो समाज अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता वह सामाजिक के साथ-साथ पारिवारिक जीवन में भी दुखी ही रहता है।
युवाओं को शिक्षा के साथ साथ विद्या भी ग्रहण करनी चाहिए उन्हें शिक्षार्थी के साथ साथ विद्यार्थी बनने की भी जरूरत है।
यशवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि राष्ट्र कथा में युवाओं को समझाया जाता है कि वै राष्ट्र धर्म को अपने मस्तक पर रखकर उसको ऊंचाइयों पर लेकर जाएं। देश के भीतर युवाओं मे वैज्ञानिक अवधारणा स्थापित हो।जिससे उनका जीवन दर्शन बदल सके।युवाओं को शिक्षा के साथ साथ विद्या भी ग्रहण करनी चाहिए उन्हें शिक्षार्थी के साथ साथ विद्यार्थी बनने की भी जरूरत है। शिक्षार्थी बनकर वह किसी विषय वस्तु के बारे में कुछ सीख सकते हैं परन्तु विद्यार्थी बनने पर जीवन में संस्कार आएगा और उच्च जीवन पद्धति आएगी। सनातनी परंपरा केवल विद्यार्थी की ही रही है शिक्षार्थी की नहीं।
- विराट हिंदू जन सम्मेलन राष्ट्रवादियों का कार्यक्रम
यशवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि विराट हिंदू जन सम्मेलन सनातन हिंदू समाज और राष्ट्रवादियों का कार्यक्रम है। हिंदू समाज के लोगों को चाहिए कि वह जातिवाद,क्षेत्रवाद,भाषा व प्रांत वाद को भुलाकर राष्ट्र सुरक्षा के नाम पर संगठित होकर खड़े हो जाएं। वह चेतना संपन्न होकर स्वयं जगें और दूसरों को भी जगाएं। विश्व को नया मार्ग दिखलाएं भारत देश अगर हिंदुओं से पल्लवित,पुष्पित एवं पोषित हुआ तो ही विश्व में शांति और प्रेम की सुगंध फैलेगी।
- भारत केवल भौगोलिक सीमाओं में बंधा एक राष्ट्र मात्र नहीं
सम्मेलन की मुख्य अतिथि डॉ. श्वेता ने कहा कि भारत केवल भौगोलिक सीमाओं में बंधा एक राष्ट्र मात्र नहीं है,बल्कि यह चेतना की वह कर्म भूमि है,जहाँ से संपूर्ण विश्व को मानवता, समरसता और जीवन मूल्यों का संदेश प्राप्त हुआ है। सम्मेलन को दीना मिश्रा डॉ. सुनील श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी संबोधित किया सभी वक्ताओं ने सनातन हिन्दू समाज से आह्वान किया कि वै अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मार्गदर्शन में पयागपुर राजपरिवार से संबद्ध यशवेंद्र विक्रम सिंह ने विराट हिंदू जन सम्मेलन भारत माता की दिव्य आरती और सामूहिक राष्ट्रगान के साथ अपनी देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न कराया इस सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रांतों से विद्वान, साधु-संत,आचार्यगण चिंतक, समाजसेवी विचारक एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया

