- डीएम ने रामगांव में फार्मर रजिस्ट्री शिविर का लिया जायजा, 3 दिन में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए
कृषि एवं एलायड विभागों की योजनाओं में फार्मर आईडी की अनिवार्यता के मद्देनज़र जनपद में शत-प्रतिशत कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री के लिए चल रहे विशेष शिविरों का जायजा लेने जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मंगलवार को तहसील व ब्लॉक महसी की ग्राम पंचायत रामगांव का भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता व मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे भी मौजूद रहे।
स्पेशल रिपोर्ट : यूपी : बहराइच : कृषि एवं एलायड विभागों की योजनाओं में फार्मर आईडी की अनिवार्यता के मद्देनज़र जनपद में शत-प्रतिशत कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री के लिए चल रहे विशेष शिविरों का जायजा लेने जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मंगलवार को तहसील व ब्लॉक महसी की ग्राम पंचायत रामगांव का भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता व मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे भी मौजूद रहे।

डीएम ने रामगांव में फार्मर रजिस्ट्री शिविर का लिया जायजा, 3 दिन में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए
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आपको बता दें कि प्राथमिक विद्यालय रामगांव परिसर में लगे शिविर के निरीक्षण में सहायक विकास अधिकारी कृषि आर.पी. सिंह ने बताया कि 192 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 44 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है। निरीक्षण दिवस पर डीएम के पहुंचने तक 05 कृषकों की आईडी बनाई गई थी।
तीन दिन में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए
डीएम श्री त्रिपाठी ने उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी शिशिर कुमार वर्मा को निर्देश दिए कि तीन दिनों के अंदर अवशेष कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री हर हाल में पूर्ण कराई जाए। साथ ही निर्देश दिया कि शिविर में आने वाले कृषकों की खतौनी, किसान सम्मान निधि व अन्य समस्याओं का भी मौके पर निस्तारण किया जाए।
राजस्व विभाग के कार्मिकों को भी डीएम ने हिदायत दी कि राजस्व वाद तथा चकमार्ग संबंधी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान करें।
कृषकों को किया जागरूक
शिविर में मौजूद कृषकों से संवाद करते हुए डीएम ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री अब कृषकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अभिलेख है। भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि, खाद-बीज पर सब्सिडी, कृषि यंत्रों पर छूट समेत सभी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगी। इसके बिना कृषक लाभ से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कृषक आधार लिंक्ड मोबाइल, आधार नंबर व खतौनी या गाटा संख्या के साथ शिविर, नजदीकी जनसेवा केंद्र या लेखपाल से संपर्क कर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं।
फार्मर रजिस्ट्री के फायदे
डीएम ने बताया कि रजिस्ट्री बनने से क्रय केंद्रों पर गेहूं, धान, सरसों बेचने के लिए अलग से सत्यापन नहीं कराना होगा। किसान क्रेडिट कार्ड मात्र तीन दिन में बन जाएगा। आपदा में फसल क्षति की क्षतिपूर्ति, खाद-बीज व अन्य योजनाओं के साथ किसान सम्मान निधि के लिए भी यह अनिवार्य होगी।
इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी प्रतीक, लेखपाल, सचिव, पंचायत सहायक व अन्य संबंधित कार्मिक मौजूद रहे।
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